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शादी के कार्ड का पाठ, हिंदी में
॥ श्री गणेशाय नमः ॥ से दर्शनाभिलाषी तक, जिस क्रम में पंक्तियाँ आती हैं, और तीन नमूने जो आप सीधे उतार सकते हैं।
कार्ड का क्रम
हिंदी का विवाह निमंत्रण ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ से खुलता है, अकेली पंक्ति में। फिर शीर्षक "शुभ विवाह"। फिर जिनके आशीर्वाद से विवाह हो रहा है, प्रायः दादा दादी, और फिर आमंत्रित करने वाले माता पिता, पिता का नाम पहले। फिर वर और वधू के नाम, आयुष्मान और आयुष्मती के साथ; पारंपरिक और राजस्थानी कार्डों में चि. और चि. सौ. कां. भी चलते हैं। फिर तिथि, मुहूर्त का समय, और स्थान। अंत में पधारने और आशीर्वाद देने का अनुरोध, और "दर्शनाभिलाषी" के नीचे परिवार के नाम।
किस परंपरा के अनुसार
ये नमूने उत्तर भारतीय मानक हिंदी, यानी यूपी और दिल्ली की शैली, का अनुसरण करते हैं: पहली पंक्ति ॥ श्री गणेशाय नमः ॥, तिथि ग्रेगोरियन में, वर वधू के आगे आयुष्मान और आयुष्मती, और अंत में दर्शनाभिलाषी के साथ परिवार के नाम। राजस्थानी और मारवाड़ी परिवार कुलदेवी की पंक्ति गणेश वंदना के साथ रखते हैं, विक्रम संवत् और तिथि लिखते हैं, और चि. तथा चि. सौ. कां. का प्रयोग करते हैं। हर परिवार इन्हें अपने ढंग से मिलाता है; कोई नियम कठोर नहीं है।
| यूपी और बिहार | राजस्थान और मारवाड़ | दिल्ली, शहरी | |
|---|---|---|---|
| आरंभ | श्री गणेशाय नमः, प्रायः वक्रतुण्ड श्लोक के साथ | श्री गणेशाय नमः के साथ कुलदेवी की पंक्ति | ॐ श्री गणेशाय नमः, संक्षिप्त |
| तिथि | ग्रेगोरियन, वार के साथ | विक्रम संवत्, मिति और तिथि | ग्रेगोरियन |
| वर वधू के आगे | चि., आयु., कुमारी | चि., चि. सौ. कां.; आयुष्मान, आयुष्मती भी | आयुष्मान, आयुष्मती, या केवल नाम |
| समापन | दर्शनाभिलाषी, सादर आमंत्रित हैं | दर्शनाभिलाषी और मीठी मनुहार | सपरिवार पधारें |
नमूने
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
शुभ विवाह
श्री रमेश शर्मा एवं श्रीमती कमला शर्मा
(दादा दादी) के आशीर्वाद से
श्री अनिल शर्मा एवं श्रीमती सुनीता शर्मा
अपने सुपुत्र
आयुष्मान आदित्य
का विवाह
आयुष्मती अनन्या
सुपुत्री श्री विक्रम राव एवं श्रीमती रेखा राव
के साथ संपन्न होना निश्चित हुआ है
शनिवार, २० फ़रवरी २०२७ को
मुहूर्त: प्रातः ११:२० बजे
[विवाह स्थल का नाम], [शहर]
आप सपरिवार पधारकर वर वधू को आशीर्वाद दें
दर्शनाभिलाषी
अनिल शर्मा एवं समस्त शर्मा परिवार
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
दोनों परिवारों की ओर से सप्रेम निमंत्रण
आदित्य एवं अनन्या
अपने विवाह के शुभ अवसर पर
आपको सादर आमंत्रित करते हैं
शनिवार, २० फ़रवरी २०२७
मुहूर्त: प्रातः ११:२० बजे
[विवाह स्थल का नाम], [शहर]
आपके आशीर्वाद की प्रतीक्षा रहेगी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
आदित्य और अनन्या का विवाह शनिवार, २० फ़रवरी २०२७ को, मुहूर्त प्रातः ११:२० बजे, [विवाह स्थल का नाम], [शहर] में संपन्न होगा। पूरा निमंत्रण यहाँ देखें:
छोटी लेकिन ज़रूरी बातें
- ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ कार्ड की सबसे पहली पंक्ति होती है। जो परिवार अपनी कुलदेवी या इष्टदेव के नाम से आरंभ करते हैं, वे उस पंक्ति को श्री गणेशाय नमः के साथ रखते हैं, उसके स्थान पर नहीं।
- कार्ड पर "मुहूर्त" का अर्थ है वह शुभ क्षण, लग्न, जब विवाह की मुख्य रस्म आरंभ होती है; इसलिए एक निश्चित समय लिखें। ज्योतिष में मुहूर्त एक समय इकाई भी है, दिन का तीसवाँ भाग, लगभग 48 मिनट, पर निमंत्रण पर वह शुभ समय के अर्थ में ही आता है।
- हर समारोह के लिए अलग स्थान और अलग लोकेशन लिंक दें, मेहंदी और हल्दी से लेकर रिसेप्शन तक।
- निमंत्रण पत्र हाँ या नहीं पूछने के लिए नहीं होता; यह उपस्थिति और आशीर्वाद की प्रार्थना है। अनुमानित संख्या चाहिए तो अलग से एक संपर्क नंबर दे दें; मेहमानों से औपचारिक पुष्टि माँगना आवश्यक नहीं।
- दिवंगत बड़ों के नाम से पहले स्व. लिखा जाता है। तारीख के अंक देवनागरी में हों या अंग्रेज़ी में, पूरे कार्ड पर एक ही रखें।

The card that fits
बंधन कार्ड गेंदे के पर्दे से खुलता है और हर समारोह की अपनी पंक्ति रखता है, हिंदी में पूरा।
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